देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने इस बार राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदलकर रख दिया है. पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया और टीएमसी को पीछे छोड़ते हुए 206 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं तमिलनाडु में भी बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला.
तमिलनाडु में डीएमके को बड़ा झटका लगा और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़े दल के रूप में उभरी. हालांकि, स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार बनाने के लिए सहयोगियों का सहारा लेना पड़ेगा. असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. राज्य में एनडीए को 102 सीटें मिली हैं.
वहीं केरल, जिसे लंबे समय से वाम दलों का गढ़ माना जाता रहा है, वहां इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल कर लिया है और सत्ता में वापसी की राह पर है. इधर पुदुचेरी में भी एनडीए ने अपनी पकड़ बरकरार रखी है. मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व में गठबंधन लगातार दूसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गया है.
इन सबके बीच तीन मुख्यमंत्रियों ने अपनी जीत बरकरार रखी, वहीं दो बड़े चेहरों को हार का सामना करना पड़ा.
बंगाल में ममता हारीं
पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर सभी की नजरें टिकी थीं. यहां बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दी. चुनाव प्रचार के दौरान यह मुकाबला काफी चर्चा में रहा. नतीजों में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया. यह हार टीएमसी के लिए भी बड़ा झटका मानी जा रही है.
असम में हिमंत बिस्वा की जीत
असम की जलुकबारी सीट पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपनी लोकप्रियता साबित की. उन्होंने कांग्रेस की बिदिशा नियोग को 89 हजार वोटों के भारी अंतर से हराया. खास बात यह है कि वह इस सीट से लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज कर चुके हैं, दो बार कांग्रेस और तीन बार बीजेपी के टिकट पर.
तमिलनाडु में एमके स्टालिन की हार
तमिलनाडु की कोलाथुर सीट से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को इस बार हार का सामना करना पड़ा. 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज करने वाले स्टालिन को इस बार टीवीके के वीएस बाबू ने 82,997 वोट हासिल कर पीछे छोड़ दिया. स्टालिन को कुल 74,202 वोट मिले, जो इस सीट पर सत्ता विरोधी रुझान को दर्शाता है.
केरल में पिनराई विजयन की फिर जीत
केरल में मुख्यमंत्री पीनराई विजयन ने धर्मडम सीट से चुनाव जीतते हुए अपनी पकड़ बनाए रखी. उन्होंने कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद को 19 हजार से अधिक वोटों से हराया. हालांकि, राज्य की सत्ता की तस्वीर अलग नजर आई, जहां यूडीएफ की वापसी होती दिख रही है.
पुदुचेरी में रंगासामी का दबदबा
पुदुचेरी में मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने दोनों सीटों थट्टनचावडी और मंगलम से जीत दर्ज कर अपनी मजबूत स्थिति साबित की. थट्टनचावडी में उन्होंने एनएमके के ई. विनायगम को 4,441 वोटों से हराया, जबकि मंगलम में डीएमके के एस.एस. रंगन को 7,050 वोटों से पराजित किया.
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