पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बनाने की कवायद जारी है. सबकी निगाहें अब तक पश्चिम बंगाल और तमिलानडु पर टिकी रहीं क्योंकि इन दोनों राज्यों में सरकार बनाने पर अलग-अलग तरह के पेच थे. लेकिन इस बीच ध्यान दीजिए तो केरलम में भी कम संकट नहीं है.
UDF बनी सबसे बड़ी पार्टी
केरलम में UDF यानी कांग्रेस गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है. पार्टी का सरकार बनाना तय है, लेकिन ये इतना आसान भी नहीं दिख रहा है. केरलम में भी चुनाव नतीजे आने के चार दिन बाद भी अब तक सीएम नहीं तय किया जा सका है.
केसी वेणुगोपाल या वीडी सतीशन? बढ़ी खींचतान
उधर, सामने आया है कि, केसी वेणुगोपाल और वीडी सतीशन के समर्थकों के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है. इससे केरलम में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी हलचल भी तेज हो गई है.
वो तीन फैक्टर, जिन पर चुना जाएगा सीएम
कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला तीन बड़े फैक्टर्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा.
पहला फैक्टर कांग्रेस विधायकों की राय,
दूसरा सहयोगी दलों की राय
तीसरा जनता के बीच नेताओं की लोकप्रियता यानी पब्लिक ओपिनियन होगा.
केसी वेणुगोपाल रेस में सबसे आगे!
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे केसी वेणुगोपाल का नाम माना जा रहा है. उनके बाद रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन का नाम भी चर्चा में है. बताया जा रहा है कि आलाकमान पहले इन तीनों नेताओं को फोन पर बातचीत के जरिए सहमत कराने की कोशिश करेगा.
अगर सभी नेता सहमत हो जाते हैं तो मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा. हालांकि अगर सहमति नहीं बनती है तो तीनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर बातचीत की जाएगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा.
लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सहयोगी दलों ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी-अपनी राय जरूर रखी है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा. पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री का चयन कांग्रेस अपने राजनीतिक समीकरण और रणनीति के हिसाब से करेगी.
इसी बीच राज्य की राजनीति में तनाव उस समय बढ़ गया जब वीडी सतीशन के समर्थकों ने सचिवालय के बाहर लगाए गए केसी वेणुगोपाल के पोस्टर फाड़ दिए. इस घटनाक्रम के बाद सतीशन ने तुरंत बयान जारी कर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की.
क्या बोले वीडी सतीशन?
वीडी सतीशन ने कहा, “कांग्रेस और यूडीएफ ने 102 सीटें जीतकर अपने इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल की है. कांग्रेस विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो चुका है और अब एआईसीसी दूसरे चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है. यह हमारे लिए खुशी और गर्व का क्षण है. ऐसे समय में कोई भी ऐसा काम नहीं होना चाहिए जिससे पार्टी और गठबंधन को परेशानी हो.”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन, फ्लेक्स बोर्ड लगाने और किसी भी तरह की गुटीय गतिविधियों से बचने की अपील करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता संयम बनाए रखें और पार्टी की एकजुटता को मजबूत करें.
केरल में तीन दावेदार कौन?
पहले दावेदार: केसी वेणुगोपाल
केसी वेणुगोपाल भी रेस में पूरी ताकत से हैं. इन्हें सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वो पार्टी संगठन में बहुत मजबूत पकड़ रखते हैं. वो लगातार विधायकों से मिल रहे हैं और उनका समर्थन जुटा रहे हैं ताकि उनका पलड़ा भारी दिखे. खबर है कि वो आलाकमान से मिलने दिल्ली गए हैं.
दूसरे दावेदार: वीडी सतीशन
वीडी सतीशन को को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्होंने चुनाव के दौरान बहुत आक्रामक तरीके से LDF सरकार पर हमला किया. उनकी वजह से पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश आया और UDF इस जीत तक पहुंच पाई. यही कारण है कि जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उनका समर्थन सबसे ज़्यादा दिखता है. वो हाई कमान यानी दिल्ली के बड़े नेताओं के सामने अपना दावा पेश करने की तैयारी में हैं.
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तीसरे दावेदार: रमेश चेन्निथला
रमेश चेन्निथला तीनों में सबसे अनुभवी नेता हैं. पार्टी और गठबंधन के सभी दलों में उनकी अच्छी साख है. उनके समर्थक उन्हें इस तरह पेश कर रहे हैं कि जब पार्टी को स्थिर और शांत नेतृत्व चाहिए, तो चेन्निथला सबसे सही विकल्प हैं.
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