मानसून ने पकड़ी रफ्तार! ऑस्ट्रेलिया से रवाना हुए बादल, 1 जून को केरल में लैंडिंग की तैयारी – india monsoon update australia wet season kerala rainfall imd forecast ntc agkp

मानसून ने पकड़ी रफ्तार! ऑस्ट्रेलिया से रवाना हुए बादल, 1


इस साल मई में भारत के बड़े हिस्सों में असामान्य रूप से ठंडक रही है. लेकिन इसके बावजूद एक बहुत अच्छी खबर है. मानसून समय पर आने के सारे संकेत मिल रहे हैं. तमिलनाडु, केरलम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ बारिश पहले से शुरू हो चुकी है. और एक बात जो बहुत कम लोग जानते हैं वो यह है कि भारत के मानसून का रास्ता ऑस्ट्रेलिया से जुड़ा हुआ है. ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम खत्म होने का सीधा असर भारत के मानसून पर पड़ता है.

भारत के मौसम विभाग IMD ने बताया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम में अगले सात दिनों में बारिश होगी. मई भर में मानसून से पहले की गरज वाली बारिश और तेज होती जाएगी. यह एक बड़ा संकेत है कि मानसून सही रास्ते पर है.

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह पर मानसून का आना करीब दो हफ्ते दूर है. यह हमेशा से मानसून की भारत में पहली दस्तक का इलाका रहा है. इसके बाद मानसून केरल के तट पर 1 जून के आसपास आता है जो इसका तय समय है.

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में इन दिनों कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक गरज, बिजली और ओले पड़ रहे हैं. यह सब उस मौसम के बदलाव के संकेत हैं जो मानसून के आने से पहले होते हैं.

ऑस्ट्रेलिया का भारत के मानसून से क्या लेना-देना?

ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने हाल ही में ऐलान किया कि वहां 2025-26 का उत्तरी ऑस्ट्रेलियाई बारिश का मौसम आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है. और इस खबर को भारत के मौसम वैज्ञानिक बहुत ध्यान से देखते हैं. क्यों? क्योंकि इसका सीधा असर भारत के मानसून पर पड़ता है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया ‘हीट एक्शन प्लान’, 13 जिलों में तैनात स्पेशल वैन, ये हैं सुविधाएं

समझें वो अदृश्य बेल्ट जो मानसून लाती है

पूरी धरती के चारों तरफ भूमध्य रेखा यानी इक्वेटर के पास एक विशाल अदृश्य बेल्ट है जिसमें बादल और बारिश होती है. यह बेल्ट हर साल बिना रुके सूरज के पीछे-पीछे चलती है. जब उत्तरी गोलार्ध यानी भारत वाली तरफ गर्मी आती है तो यह बेल्ट उत्तर की तरफ खिंचती है. और जब दक्षिणी गोलार्ध यानी ऑस्ट्रेलिया वाली तरफ गर्मी आती है तो यह बेल्ट दक्षिण की तरफ चली जाती है. यही बेल्ट भारत में मानसून लाती है.

ऑस्ट्रेलिया की बारिश खत्म होने पर क्या होता है?

जब ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम चल रहा होता है तो इस बेल्ट का एक हिस्सा दक्षिण की तरफ खिंचा रहता है. यह बेल्ट को उत्तर की तरफ बढ़ने से रोकता है. लेकिन जैसे ही ऑस्ट्रेलिया का बारिश का मौसम खत्म होता है, यह रुकावट हट जाती है. बेल्ट तेजी से उत्तर की तरफ बढ़ने लगती है और अपने साथ समुद्र से उठी नमी भरी हवाएं दक्षिण एशिया यानी भारत की तरफ खींच लाती है. अभी यह बेल्ट भूमध्य रेखा पार कर चुकी है और मालदीव को पार करते हुए श्रीलंका और अंडमान-निकोबार की तरफ बढ़ रही है.

हर साल होती है यही अदला-बदली

यह कोई नई बात नहीं है. हर साल मई से सितंबर तक जब ऑस्ट्रेलिया सूखा रहता है तब भारत को बारिश मिलती है. और सितंबर के बाद जब यह बेल्ट वापस दक्षिण की तरफ जाती है तब ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम शुरू होता है और भारत का मानसून वापस जाता है. यह सिलसिला साल-दर-साल उसी तरह चलता है जैसे हर रोज सूरज उगता है.

तो क्या इस बार मानसून समय पर आएगा?

सभी संकेत हां कह रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम खत्म हो गया. बेल्ट सही दिशा में बढ़ रही है. तमिलनाडु और केरलम में पहले से गरज वाली बारिश हो रही है. अंडमान-निकोबार में मानसून दो हफ्ते में दस्तक देगा. और 1 जून के आसपास केरल के तट पर मानसून का आना तय लग रहा है.
एक अरब से ज्यादा लोगों की खेती, पानी और जिंदगी जिस मानसून पर निर्भर है, वो इस बार समय पर आने की पूरी तैयारी में है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *