Headlines

Shani Temple: उल्कापिंड से बनी शनि मूर्ति! जानें कहां हैं देश के 5 प्रसिद्ध शनि मंदिर – Shani Temple most famous shani mandir in india Maharashtra to Madhya Pradesh tvisu

shani temple: उल्कापिंड से बनी शनि मूर्ति! जानें कहां हैं


शनि की कृपा जिसको मिल जाए उसके तो वारे-न्यारे ही हो जाते हैं. जिंदगी में खुशहाली और ऐश्वर्य बढ़ता है. साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी शुभ फल देने लगता है. देश में शनि देव के कई ऐसे चमत्कारी धाम हैं जिनकी महिमा का गुणगान देश-विदेश में होता है. शनि अमावस्या या शनि जयंती जैसे अवसरों पर इन मंदिरों में शनि भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है. आइए आज आपको देश के ऐसे ही पांच शनि मंदिरों के बारे में बताते हैं.

शनि शिंगणापुर, महाराष्ट्र
मान्यता है कि शनि शृंगणापुर में भगवान शनि स्वयं प्रकट होकर स्थापित हुए हैं. यह ऐसा दिव्य स्थान है जहां आने से व्यक्ति के जीवन में चल रही तमाम पीड़ाओं का नाश हो जता है. महाराष्ट्र स्थित इस मंदिर की ख्याती देश ही नहीं विदेशों में भी है. कई लोग तो इस स्थान को शनिदेव का जन्म स्थान भी मानते हैं. शिंगणापुर के इस चमत्कारी मंदिर में स्थित शनिदेव की शिला रूपी प्रतिमा है. यह प्रतिमा 5 फीट 9 इंच ऊंची और 1 फीट 6 इंच चौड़ी है. देश विदेश से श्रद्धालु यहां आकर शनिदेव की इस दुर्लभ प्रतिमा का दर्शन करते हैं.

शनि मंदिर, इंदौर
रजवाड़ों के शहर इंदौर में बना यह शनि मंदिर भक्तों की कामनाओं को सिद्ध करने वाला माना जाता है. कहते हैं कि इंदौर के जूनी शहर में स्थापित इस मंदिर में शनि देवता स्वयं पधारे थे. मंदिर के स्थान पर लगभग 300 साल पहले एक 20 फुट ऊंचा टीला था. इस मंदिर में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भक्त शनि का तैला अभिषेक करते हैं. उन्हें सरसों के तेल में तिल मिलाकर अर्पित करते हैं. इस अनुष्ठान से शनि दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है.

शनिचरा मंदिर, मुरैना
ग्वालियर और मुरैना की सीमा पर शनिचरा नाम का मंदिर है. इस त्रेता युगीन शनि मंदिर में प्रतिष्ठित शनिदेव की प्रतिमा भी विशेष है. माना जाता है कि यह प्रतिमा आसमान से टूट कर गिरे एक उल्कापिंड से निर्मित है. ज्योतिष और खगोलविद मानते हैं कि शनि पर्वत पर निर्जन वन में स्थापित होने के कारण यह स्थान विशेष प्रभावशाली है. कहते हैं कि महाराष्ट्र के सिंगणापुर शनि मंदिर में प्रतिष्ठित शनि शिला भी इसी शनि पर्वत से ले जाई गई है. मान्यता है कि हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कराकर उन्हें मुरैना पर्वतों पर विश्राम करने के लिए छोड़ा था. इसलिए मंदिर के बाहर हनुमान जी की मूर्ति भी स्थापित है.

शनि धाम, प्रतापगढ़
अगर आप शनि के बुरे प्रभाव और उनकी कुदृष्टि से बचना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ शनि मंदिर में अर्जी लगाएं. मान्यता है कि किसी व्यक्ति को अगर शारीरिक रोग या कार्यक्षेत्र की समस्या है तो वो इस मंदिर शनिदेव के दर्शन करके उन्हें तेल चढ़ाएं. विशेष तौर पर जो व्यक्ति यहां छाया पात्र दान करता है उसे शारीरिक पीड़ाओं से मुक्ति मिल जाती है. यहां प्रत्येक शनिवार भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाने की परंपरा है.

शनि धाम, दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली के फतेहपुर बेरी में भी शनि देव का एक पवित्र धाम है. यहां शनिदेव की सबसे बड़ी मूर्ति विद्यमान है. यह मूर्ति अष्ट धातुओं से बनी है. कहते हैं कि यहां आने वाले  हर भक्त की मनोकामना शनि देव पूरी करते हैं. शनि का यह धाम भक्तों की आस्था का केंद्र है. किसी व्यक्ति को संतान संबंधी परेशानी हो या किसी के कार्य, रोजगार आदि में तकलीफ आ जाए तो यहां तैला अभिषेक करने से सारी तकलीफें दूर हो जाती हैं.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *