एक भारत, अनेक सपने, 12 वर्षों की सफल यात्रा – delhi cm rekha gupta vision pm narendra modi 12 years as prime minister of India ntcppl

एक भारत, अनेक सपने, 12 वर्षों की सफल यात्रा


कुछ दिन पहले दिल्ली के एक कार्यक्रम में मेरी मुलाकात एक बुजुर्ग महिला से हुई. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “बेटी, पहले सरकार हमारे लिए खबरों में होती थी, अब हमारे घर तक पहुंचती है.”

उनकी यह बात मेरे मन में लगातार गूंजती रही.

लोकतंत्र में सरकार की सबसे बड़ी सफलता आंकड़ों से नहीं मापी जाती. उसकी असली पहचान उस भरोसे से बनती है जो देश का आम नागरिक महसूस करता है. जब कोई गरीब परिवार पहली बार पक्के घर की चाबी हाथ में लेता है, जब किसी मां को अपने बच्चे के इलाज की चिंता से राहत मिलती है, जब किसी बहन को धुएं से भरे चूल्हे की जगह गैस सिलेंडर मिलता है, तब विकास केवल सरकारी योजना नहीं रहता, वह जीवन का हिस्सा बन जाता है.

आज जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूरे हो रहे हैं, तब यह केवल एक राजनीतिक पड़ाव नहीं है. यह भारत के सामाजिक परिवर्तन की एक ऐसी यात्रा है, जिसमें करोड़ों लोगों ने अपने जीवन में बदलाव को महसूस किया है.

वर्ष 2014 का भारत और आज का भारत, दोनों के बीच का अंतर केवल समय का नहीं है, सोच का भी है. 

एक समय था जब देश में योजनाएं बनती थीं, घोषणाएं होती थीं, बजट आवंटित होते थे, फिर भी अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचने में वर्षों लग जाते थे. आज तकनीक, पारदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति ने उस व्यवस्था को बदल दिया है. जनधन खाते, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति ने व्यवस्था को सीधे नागरिकों से जोड़ा है. सरकारी सहायता अब बिचौलियों के रास्ते नहीं, सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचती है.

इन 12 वर्षों में देश ने विकास को केवल शहरों तक सीमित नहीं रखा. गांवों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में स्थान दिया गया. करोड़ों परिवारों को पक्का घर मिला। करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली. करोड़ों घरों तक शौचालय, बिजली, पानी और गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचीं. इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनके केंद्र में व्यक्ति का सम्मान है.

गरीबी केवल आय की कमी नहीं होती. गरीबी अवसरों की कमी होती है. गरीबी उस चिंता का नाम है जो हर दिन परिवार को घेरे रहती है. पिछले 12 वर्षों में सरकार ने उसी चिंता को कम करने का प्रयास किया है. यही कारण है कि आज करोड़ों लोग स्वयं को लाभार्थी नहीं, विकास यात्रा के सहभागी के रूप में देखते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक और महत्वपूर्ण कार्य किया है, देशवासियों के मन में आत्मविश्वास जगाया है. आज भारत दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा है. वैश्विक मंचों पर भारत की बात सुनी जाती है. भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के साथ-साथ सबसे बड़ी संभावनाओं वाला देश बनकर उभरा है. चाहे डिजिटल क्रांति हो, स्टार्टअप्स का विस्तार हो, बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो या अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धियां, हर क्षेत्र में भारत ने अपनी नई पहचान बनाई है.

मुझे विशेष रूप से यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस परिवर्तन में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ी है. आज महिलाएं योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, वे नेतृत्वकर्ता हैं, उद्यमी हैं, निर्णय लेने वाली शक्ति हैं. आज हमारा देश वीमेन डेवलपमेंट से वीमेन-लेड डेवलपमेंट की ओर बढ़ चुका है. यह बदलाव भारत की सामाजिक संरचना को और अधिक मजबूत बना रहा है. 

युवाओं के लिए भी यह दशक अवसरों का दशक साबित हुआ है. स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और नवाचार को बढ़ावा देने वाली अनेक पहलों ने युवाओं को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया है. आज का युवा नौकरी खोजने वाला ही नहीं, रोजगार देने वाला भी बन रहा है. 

दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में मैं यह भी अनुभव करती हूं कि प्रधानमंत्री मोदी जी का नारा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” शासन की कार्यशैली है. जब केंद्र और राज्य मिलकर जनता के लिए काम करते हैं, तब विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है. 

प्रधानमंत्री मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का जो संकल्प देश के सामने रखा है, वह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं है. यह 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक सपना है. ऐसा भारत जो समृद्ध हो, आत्मनिर्भर हो, आधुनिक हो, साथ ही अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़ा हो.

आज जब हम इन 12 वर्षों को देखते हैं, तो हमें केवल योजनाएं और परियोजनाएं दिखाई नहीं देतीं. हमें करोड़ों मुस्कुराते चेहरे दिखाई देते हैं. हमें वह विश्वास दिखाई देता है कि देश बदल सकता है और बदल रहा है.

उस बुजुर्ग महिला की बात फिर याद आती है, “अब सरकार हमारे घर तक पहुंचती है.”

शायद यही इन 12 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि है. सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हुई है. भरोसा बढ़ा है. उम्मीद मजबूत हुई है. और यही उम्मीद विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनने वाली है. 

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