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नई CV बनाने के लिए दे दिए पैसे! जेपी मॉर्गन के फर्जी इंटरव्यू का हुआ खुलासा, हायरिंग इतना रियल कि आप भी धोखा खा जाएं – jp morgan chase job scam reddit user explain expose fake hiring process ngix

नई cv बनाने के लिए दे दिए पैसे! जेपी मॉर्गन


आजकल नौकरी की तलाश में सिर्फ रिजेक्शन ही नहीं  बल्कि फर्जी भर्ती के जाल का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. कई स्कैम इतने प्रोफेशनल तरीके से किए जा रहे हैं कि लोग सही और गलत के बारे में फैसला नहीं कर पा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक युवक को जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी कंपनी में सीनियर पद के लिए इंटरव्यू का मौका मिला, लेकिन बाद में पूरी घटना ने उसे हैरान कर दिया. युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर बताया कि कैसे जेपी मॉर्गन की फर्जी हायरिंग के चलते उन्हें पैसे लेकर अपनी सीवी भेजने के लिए कहा गया. 

क्या है पूरा मामला? 

एक रेडिट यूजर को जेपी मॉर्गन चेस कंपनी में सीनियर पद के लिए इंटरव्यू का ईमेल मिला. इंटरव्यू प्रोसेस भी पूरी तरह असली लगी और बाद में उसे रिजेक्शन के साथ फीडबैक भी दिया गया. लेकिन बाद में उसे पता चला कि यह एक सोची-समझी ठगी हो सकती है. रेडिट पर सिल्वर_टिप260 नाम के एक यूजर ने बताया कि वह जेपी मॉर्गन चेस में वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए चल रही एक नकली हायरिंग प्रक्रिया का शिकार हो गया. उसने कहा कि पूरा अनुभव इतना असली लग रहा था कि मिली हुई फीडबैक के आधार पर वह अपना रिज्यूमे तक बदलने की सोचने लगा था. 

कैसे हुई इसकी शुरुआत? 

बता दें कि इसकी शुरुआत हुई जेपी मॉर्गन चेस में कई पोस्ट की हायरिंग पोस्ट के साथ जो लिंक्डइन पर थी. यूजर ने बताया कि उसने अपने सीवी के साथ उस पोस्ट पर अप्लाई किया. कुछ ही दिनों के अंदर उन्हें कैरेन मॉरिस नाम की एक महिला का मैसेज मिला. उसने खुद को पेरिस में एक बड़ी कंपनी के लिए हायरिंग करने वाली बताया और लीड डेटा इंजीनियर फाइनेंशियल क्राइम और एएमएल डेटा प्लेटफॉर्म पोस्ट के लिए हायरिंग की बात की.

यूजर के मुताबिक, नौकरी से जुड़ी सारी जानकारी बिल्कुल असली लग रहा था और सैलरी भी भरोसेमंद थी. इसके बाद तीन चरणों वाली इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू हुई, जो किसी बड़े कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव हायरिंग जैसी लग रही थी. पहले राउंड में मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाली तकनीकों, क्लाउड माइग्रेशन, ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग और लीडरशिप एक्सपीरियंस से जुड़े सवाल पूछे गए. यूजर ने कहा कि सवाल इतने प्रोफेशनल और सोच-समझकर पूछे गए थे कि उसे कहीं भी शक नहीं हुआ.

फिर दूसरा चरण आया, जहां उसे एक बेहद प्रोफेशनल दिखने वाली असेसमेंट रिपोर्ट भेजी गई. इसके बाद यूजर को एक रिपोर्ट मिलती है जिसमें उसे 100 में से 72 नंबर दिए गए थे जबकि पास होने के लिए 88 नंबर जरूरी थे. इसमें उसकी खूबियों और कमियों को बिल्कुल कॉर्पोरेट स्टाइल में समझाया. उसे बताया गया कि वह एंटरप्राइज स्ट्रेटेजिक फ्रेमिंग, एग्जीक्यूटिव स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट और रेगुलेटरी गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में कमजोर रहा. यूजर ने कहा कि रिपोर्ट इतनी असली और प्रोफेशनल लग रही थी कि उसने लगभग अपना पूरा रिज्यूमे दोबारा बनाने का फैसला कर लिया था. 

तीसरे लेवल पर हुआ स्कैम का खुलासा 

पूरा मामला तब खुला जब तीसरे राउंड में कथित रिक्रूटर ने उम्मीदवार को एक और मौका देने की बात कही. इसके साथ ही उसे सलाह दी गई कि वह अपने रिज्यूमे को बेहतर बनाने के लिए एक स्पेशलिस्ट की मदद ले, जिसे कंपनी के अंदर भरोसेमंद बताया गया था. यहीं से रेडिट यूजर को शक हुआ कि असली मकसद नौकरी देना नहीं, बल्कि लोगों को पैसे देकर रिज्यूमे सर्विस खरीदने के लिए फंसाना था. 

पोस्ट में इन बातों का भी हुआ खुलासा 

यूजर के मुताबिक,पूरी प्रक्रिया प्रोफेशनल इंटरव्यू, डिटेल फीडबैक, पासिंग मार्क्स से थोड़ा कम स्कोर और जल्दी फैसला लेने का दबाव सब कुछ बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था ताकि उम्मीदवार पैसे खर्च करने को मजबूर हो जाए. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कई लोगों ने बताया कि वे भी बड़ी कंपनियों के नाम पर ऐसे ही स्कैम का सामना कर चुके हैं.

कुछ यूजर्स ने कहा कि सबसे बड़ा संकेत यह था कि पूरी हायरिंग प्रक्रिया सिर्फ ईमेल के जरिए चल रही थी. लोगों का कहना था कि असली रिक्रूटर्स आमतौर पर सीधे कॉल करते हैं और बड़ी कंपनियां रिजेक्ट होने के बाद किसी रिज्यूमे एक्सपर्ट को पैसे देकर दोबारा आवेदन करने की सलाह नहीं देती.

कई यूजर्स ने CVS हेल्थ और Blackstone जैसी कंपनियों के नाम पर भी ऐसे फर्जी हायरिंग शेयर किए हैं. सबसे चिंता की बात यह है कि अब ये स्कैम पहले से ज्यादा प्रोफेशनल हो गए हैं. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि ठग अब AI से तैयार भाषा, नकली ब्रांडिंग और असली जैसी हायरिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीत रहे हैं. 

 

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