अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच चुके हैं. अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान एक पेज के समझौता ज्ञापन (MOU) को अंतिम रूप देने के करीब हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को अगले 48 घंटों में ईरान की तरफ से कई अहम बिंदुओं पर जवाब मिल सकता है. हालांकि, अब तक किसी भी बात पर अंतिम सहमति नहीं बनी है. युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों समझौते के इतने करीब हैं.
इस बीच, इजरायली सूत्रों का कहना है कि उसको इस संभावित डील की कोई जानकारी नहीं है. वो अभी भी अगले जंग की तैयारी में लगा हुआ है. इजरायल के ये दावा पूरे घटनाक्रम को जटिल बना देता है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं.
ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से नहीं खोला, तो उस पर पहले से कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर बमबारी की जाएगी. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर उन्होंने समझौते और चेतावनी के बारे में खुलकर लिखा है.
ट्रंप ने लिखा है, “यदि ईरान उन शर्तों पर सहमत हो जाता है जिन पर बातचीत चल रही है, तो ‘एपिक फ्यूरी’ खत्म हो जाएगा. ‘Blockade’ हटने के बाद होर्मुज सबके लिए खुल जाएगा. यदि वे सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी. पहले के मुकाबले पैमाने पर होगी.”
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित डील के तहत ईरान परमाणु संवर्धन पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता जताएगा. इसके बदले अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देगा और ईरान के अरबों डॉलर के फंड को जारी करने पर सहमत होगा. होर्मुज पर पाबंदियां भी हटाई जा सकती हैं.
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समझौता ज्ञापन में शामिल कई शर्तें तभी लागू होंगी, जब अंतिम बातचीत हो जाएगी. इसका मतलब यह है कि फिलहाल अनिश्चितता बनी रहेगी और दोबारा तनाव बढ़ने या युद्ध भड़कने की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
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