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मोदी राज में BJP का स्वर्णिम युग! हरियाणा से बंगाल तक… इन 9 राज्यों में पहली बार खिला ‘कमल’ – From Haryana to Bengal BJP Secures First Time CM Post in Nine States Since 2014 when Narendra Modi became PM ntc dpmx

मोदी राज में bjp का स्वर्णिम युग! हरियाणा से बंगाल


पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल लंबे शासन का अंत हो गया. बंगाल में 9 मई को बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया. इसके साथ ही 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बंगाल 9वां राज्य बन गया है, जहां भाजपा ने पहली बार मुख्यमंत्री पद हासिल किया है.

इस यात्रा की शुरुआत 2014 में हरियाणा और महाराष्ट्र से हुई, उसके बाद असम (2016), अरुणाचल प्रदेश (2016), मणिपुर (2017), त्रिपुरा (2018), ओडिशा (2024), बिहार (2026) और अब पश्चिम बंगाल इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं. हरियाणा में बीजेपी ने 2014 में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई और मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री नियुक्त किया. महाराष्ट्र में भाजपा 2014 के विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और शिवसेना (अविभाजित) के साथ गठबंधन में सरकार बनाई. देवेंद्र फडणवीस राज्य के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री बने.

भाजपा ने 2016 में पर्वोत्तर में गाड़ा झंडा

भाजपा ने 2016 में असम में जीत हासिल करके पूर्वोत्तर में अपनी पकड़ मजबूत की और सर्बानंद सोनोवाल राज्य में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बने. तब से लेकर अब तक, भाजपा ने असम में सत्ता बरकरार रखी है. इस बार अप्रैल में हुए चुनाव में भी पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की.

भाजपा ने 2016 में अरुणाचल प्रदेश में अपनी पहली सरकार का गठन किया. जुलाई 2016 में, कांग्रेस नेता पेमा खांडू ने एक लंबे राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला, लेकिन सितंबर में, वह और अधिकांश कांग्रेस विधायक भाजपा के सहयोगी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) में शामिल हो गए. कुछ महीनों बाद, दिसंबर 2016 में, खांडू 33 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला और राज्य में उसकी पहली स्थिर सरकार बनी.

भाजपा ने 2003 में अरुणाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री गेगोंग अपांग के नेतृत्व में थोड़े समय के लिए सरकार का नेतृत्व किया था. उस समय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अपांग ने केवल 44 दिनों तक सरकार का नेतृत्व किया और फिर कांग्रेस में लौट गए. 2017 में, भाजपा ने मणिपुर में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के साथ चुनाव के बाद गठबंधन किया और एन. बीरेन सिंह को मुख्यमंत्री बनाया, जो सीमावर्ती राज्य में पार्टी की पहली सरकार थी.

वाम मोर्चा को उसके गढ़ त्रिपुरा में पटखनी

भाजपा ने 2018 में त्रिपुरा में वाम मोर्चा के दशकों पुराने शासन को समाप्त कर दिया और बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में अपनी पहली सरकार बनाई. पार्टी ने 2024 में पूर्वी भारत में एक और बड़ी सफलता हासिल की, जब उसने ओडिशा में बीजू जनता दल को हराया. मोहन चरण मांझी ने राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और नवीन पटनायक के लगातार 24 वर्षों के शासन का अंत हुआ. बिहार में भाजपा लंबे समय तक नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकारों का हिस्सा रही, लेकिन पार्टी का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना था.

नीतीश कुमार दो दशकों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. इस वर्ष की शुरुआत में वह पद से हट गए और राज्यसभा जाने का फैसला किया. उनके पद छोड़ने के बाद, भाजपा ने सम्राट चौधरी को राज्य का पहला मुख्यमंत्री नियुक्त किया. पश्चिम बंगाल में हुए हालिया चुनावों में जीत के साथ, भाजपा ने उस राज्य में सरकार बना ली है जिसे लंबे समय से पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से दुर्गम माना जाता था. उसने 294 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतीं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पार्टी का राजनीतिक विस्तार उसके शासन मॉडल और देश भर में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए ने शासन, प्रदर्शन और क्रियान्वयन के आधार पर पूरे भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत की है. जिन राज्यों में पहले कभी भाजपा सरकार या भाजपाई मुख्यमंत्री नहीं थे, वहां मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा सरकारें चुनी गई हैं.’

सत्ता समर्थक लहर के पर्याय बने पीएम मोदी

शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी अब सत्ता समर्थक लहर (Pro-incumbency) के पर्याय बन गए हैं. पिछले कुछ चुनावों में असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में भाजपा-एनडीए सरकारें फिर से सत्ता में आ गई हैं, जबकि कई विपक्षी शासित राज्यों में सरकारों को सत्ता-विरोधी लहर का सामना करना पड़ा है.’ उन्होंने पूर्वी भारत में भाजपा के उदय को ऐतिहासिक बताया. पूनावाला ने कहा, ‘कांग्रेस शासन के दौरान पूर्वी भारत उपेक्षित रहा है. पूर्वोत्तर के राज्यों में बीजेपी की सरकारें विकास और बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित करेंगी.’

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा-एनडीए गठबंधन के विस्तार के बीच कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव कम होता जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘आज भाजपा-एनडीए गठबंधन की देशभर में लगभग 21-22 सरकारें हैं. भारत की लगभग 78 प्रतिशत आबादी और लगभग 72 प्रतिशत भूभाग तक गठबंधन की सरकारों का विस्तार है. पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा देश की राजनीति का केंद्रबिंदु बन गई है, जबकि कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ खो रही है. यहां तक ​​कि इंडिया ब्लॉक में उसके सहयोगी भी नाखुश हैं, क्योंकि कांग्रेस अपने सहयोगियों के वोट बैंक के लिए ही उनसे प्रतिस्पर्धा कर रही है.’

अपनी राजनीतिक यात्रा के स्वर्णिम युग में BJP

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने पार्टी के विस्तार को पार्टी की राजनीतिक यात्रा का ‘स्वर्णिम युग’ बताया. उन्होंने कहा, ‘भाजपा की यात्रा में यह एक सुनहरा दौर रहा है क्योंकि हमने उन भौगोलिक क्षेत्रों में अपना विस्तार किया है और सरकारें बनाई हैं, जिन्हें कभी पार्टी के लिए अभेद्य या बेहद कठिन माना जाता था.’ सिन्हा ने भाजपा के उदय का श्रेय उसके शासन संबंधी निर्णयों और चुनावी वादों को पूरा करने की उसके ट्रैक रिकॉर्ड को दिया.

उन्होंने कहा, ‘चाहे अनुच्छेद 370 को निरस्त करना हो, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू करना हो या राम मंदिर का निर्माण, भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने वादों को पूरा करती है. यही एक कारण है कि जो राज्य कभी भाजपा के प्रभाव से अछूते थे, वे अब पार्टी को अपना रहे हैं.’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा की अब देश के अधिकांश हिस्सों में मजबूत उपस्थिति है. तुहिन सिन्हा ने कहा, ‘तमिलनाडु और केरल को छोड़कर, भाजपा ने पूरे देश में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित कर ली है, और ये राज्य भी पार्टी की भविष्य की विस्तार योजनाओं का हिस्सा हैं.’

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