क्या शशि थरूर होंगे केरल के CM? काउंटिंग से पहले कांग्रेस सांसद ने दिया जवाब – Will Shashi Tharoor be Kerala CM Congress MP clear answer ahead of counting lclnt

क्या शशि थरूर होंगे केरल के cm? काउंटिंग से पहले


केरलम (केरल) की मतगणना से कुछ घंटे पहले सबसे बड़ा सवाल यही घूम रहा है कि अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सत्ता में आता है, तो क्या शशि थरूर राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर शशि थरूर ने साफ तौर पर कोई दावा नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि फैसला पूरी तरह पार्टी की प्रक्रिया के तहत होगा.

जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्हें पता है उनसे क्या कहलवाने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह ऐसा कुछ नहीं कहने वाले. थरूर ने कहा कि कांग्रेस में एक तय प्रक्रिया है. चुनाव नतीजों के बाद पार्टी अध्यक्ष का प्रतिनिधि या दूत जीते हुए विधायकों से बात करता है, उनकी राय लेता है और फिर हाईकमान अंतिम फैसला करता है.

थरूर ने यह भी साफ किया कि पार्टी नेतृत्व किसी नियम या सीमा से बंधा नहीं होता और वह जिसे चाहे नेतृत्व की जिम्मेदारी दे सकता है. यानी मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला चुनाव नतीजों के बाद ही तय होगा.

थरूर ने कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया
इस बीच थरूर ने केरलम में कांग्रेस की जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF दस साल बाद सत्ता में वापसी करेगा. उनके मुताबिक मोर्चा 140 सदस्यीय विधानसभा में 75 से ज्यादा सीटें जीत सकता है.

कई एग्जिट पोल भी UDF की बढ़त दिखा रहे हैं, जिससे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) की सरकार के सत्ता से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है. थरूर ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी राजनीतिक घटना होगी, क्योंकि तब वाम लोकतांत्रिक मोर्चा देश में कहीं भी सत्ता में नहीं रहेगा.

एग्जिट पोल पर क्या बोले शशि थरूर?
हालांकि उन्होंने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए. उनका कहना है कि चुनावी सर्वे हमेशा पूरी तस्वीर नहीं दिखाते, क्योंकि उनमें लैंगिक, जातीय, वर्गीय और क्षेत्रीय असमानताओं को पूरी तरह समेटना मुश्किल होता है. 

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एक सर्वे कंपनी ने बताया कि 60 प्रतिशत लोगों ने जवाब ही नहीं दिया. ऐसे में सर्वे की कितनी अहमियत रह जाती है, यह बड़ा सवाल है. केरलम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को हुआ था और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. 

अब सबकी नजर मतगणना पर है. शशि थरूर ने भले ही मुख्यमंत्री पद पर चुप्पी साध रखी हो, लेकिन अगर नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आते हैं, तो यह सवाल फिर जोर पकड़ सकता है. फिलहाल उन्होंने इतना साफ कर दिया है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा.

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