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12 जिले, 21 इंटरचेंज और दो टोल प्लाजा… जानें गंगा एक्सप्रेसवे पर कहां-कहां होंगे एंट्री और एग्जिट पॉइंट – ganga expressway interchange toll plaza proposal ntc mkg

12 जिले, 21 इंटरचेंज और दो टोल प्लाजा... जानें गंगा


उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे तैयार हो चुका है. प्रयागराज से मेरठ तक जाने वाले एक्सप्रेसवे की दूरी 594 किलोमीटर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे. इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. इसकी अनुमानित लागत करीब 36,402 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे पर इंटरचेंज और टोल प्लाजा का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है. मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर कुल 21 इंटरचेंज, 2 मुख्य टोल प्लाजा, 2 अतिरिक्त मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैम्प टोल प्लाजा प्रस्तावित किए गए हैं.

यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है. इसके जरिए प्रदेश के कई जिलों, तहसीलों और गांवों को नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, एमडीआर और प्रमुख संपर्क मार्गों से जोड़ा जाएगा. इससे यात्रा समय कम होगा, व्यापार बढ़ेगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत कई जिलों से होकर गुजर रहा है. इससे इन संबंधित जिलों के लोगों को आवाजाही में आसानी तो होगी ही, इसके साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी बहुत फायदा पहुंचेगा. वो भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

जैसे कि मेरठ से शुरू होने वाले गंगा एक्सप्रेस से दिल्ली एनसीआर के लोगों को प्रयागराज सहित संबंधित जिलों में जाने में आसानी होगी. इसके लिए इंटरचेंज का इस्तेमाल करना होगा. यदि दिल्ली से गंगा एक्सप्रेसवे पर जाना है, तो इसके लिए मेरठ के बिजौली गांव तक जाना होगा. दिल्ली से बिजौली गांव की दूरी करीब 90 किमी की है.

इस दूरी को करीब डेढ़ घंटे में तय किया जा सकता है. नोएडा सेक्टर 15 से जाने के लिए सेक्टर 62 होते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पकड़ना होगा. इस रूट से 82 किमी की दूरी करीब 1 घंटा 30 मिनट में पूरी होगी. इंडिया गेट की तरफ से आने पर मेरठ एक्सप्रेसवे, NH 9 और NH 34 होते हुए बिजौली की दूरी 88 किलोमीटर पड़ेगी.

गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. मेरठ से प्रयागराज की यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी. उद्योग, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. आसपास के गांवों-कस्बों की जमीन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी. लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

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आइए प्रस्तावित जिलेवार इंटरचेंज के बारे में जानते हैं…

मेरठ

– NH-334 मेरठ-हापुड़ रोड पर ट्रंपेट इंटरचेंज प्रस्तावित

स्थान: मेरठ सदर तहसील, बिजोली गांव

– हापुड़-किठौर रोड (SH-18) पर इंटरचेंज

स्थान: सदर तहसील, अत्ताउल्लाहपुर गांव

हापुड़

– NH-9 हापुड़-गढ़मुक्तेश्वर रोड पर इंटरचेंज

स्थान: गढ़मुक्तेश्वर तहसील, सीमाभट्टी क्षेत्र

– बुलंदशहर-गढ़मुक्तेश्वर रोड (SH-65) पर इंटरचेंज

अमरोहा

– हसनपुर-अनूपशहर रोड (MDR-162W) पर इंटरचेंज

स्थान: हसनपुर तहसील, मंगरौला गांव

Ganga Expressway Interchange

संभल

– अनूपशहर-मुरादाबाद रोड (ODR) पर इंटरचेंज

स्थान: संभल तहसील

– बबराला-चंदौसी रोड (NH-509) पर डबल ट्रंपेट इंटरचेंज

स्थान: चंदौसी तहसील

बदायूं

– चंदौसी-बदायूं रोड (SH-125) पर इंटरचेंज

– बदायूं-बरेली रोड (SH-33) पर इंटरचेंज

– बदायूं-दातागंज रोड (SH-126) पर इंटरचेंज

शाहजहांपुर

– फर्रुखाबाद-शाहजहांपुर रोड (SH-29) पर इंटरचेंज

स्थान: जलालाबाद तहसील

Ganga Expressway Interchange

हरदोई

– फर्रुखाबाद-शाहाबाद रोड (SH-138) पर इंटरचेंज

– कन्नौज-हरदोई रोड (SH-21) पर इंटरचेंज

स्थान: बिलग्राम तहसील

– मेहंदीघाट-संडीला रोड (SH-137) पर इंटरचेंज

स्थान: मल्लावां गांव, बिलग्राम तहसील

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उन्नाव

– आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी इंटरचेंज

स्थान: सफीपुर तहसील, नवाबगंज ग्रांट गांव

– कानपुर-लखनऊ रोड (NH-27) पर इंटरचेंज

स्थान: उन्नाव तहसील, सोनिक गांव

रायबरेली

– लालगंज-रायबरेली रोड (NH-31) पर इंटरचेंज

स्थान: डलमऊ तहसील, अहीर गांव

– रायबरेली-ऊंचाहार रोड (NH-30) पर इंटरचेंज

स्थान: ऊंचाहार तहसील

Ganga Expressway Interchange

प्रतापगढ़

– रायबरेली-ऊंचाहार रोड (MDR-102E) पर इंटरचेंज

– NH-731A प्रतापगढ़-चित्रकूट रोड पर इंटरचेंज

स्थान: कुंडा तहसील, मलवा छज्जापुर गांव

प्रयागराज

– NH-330A प्रयागराज बाईपास पर अंतिम ट्रंपेट इंटरचेंज

स्थान: सोरांव तहसील, जोधपुर डांडू गांव

पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण

गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है. इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है. 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा. उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं.

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एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा 

इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं. इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है. वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा.

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स का केंद्र

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं. इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे. सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं. इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

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