पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोहरा झटका लगा है. एक तरफ बीजेपी ने बंगाल में प्रचंड जीत हासिल की है. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के शुभेंदु अधिकारी ने ममता को भवानीपुर सीट से हरा दिया है. इस जीत के बाद शुभेंदु ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा.
शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता को 15,114 वोटों से हरा दिया. शुभेंदु ने लगातार दूसरी बार ममता को हराया है. इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट से उन्हें हराया था.
इस जीत के बाद शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था. उनका राजनीतिक संन्यास अभी हो गया है. वह 2021 में नंदीग्राम से हारी थी. इस बार भवानीपुर से उन्हें हराया. उन्हें 15 हजार वोटों से हराया. ममता बनर्जी को मुसलमानों ने खुलकर वोट दिया. वॉर्ड नंबर 77 में जितने भी मुसलमान वोट देने निकले, सभी ने ममता को वोट किया. मुझे हिंदू, सिख, जैन और बौद्धों ने आशीर्वाद देकर जिताया. ये जीत बंगाल की जीत है. ये जीत नरेंद्र मोदी की जीत है.
उन्होंने कहा कि काउंटिंग में 15 राउंड तक जब ममता का मार्जिन खत्म करके मैं 556 वोट से आगे निकल गया. तो उन्होंने (ममता) भागना चालू कर दिया. मुझे खासकर बंगाली हिंदुओं ने खुलकर वोट दिया. सीपीएम के सपोर्टर्स ने भी मुझे वोट दिया. भवानीपुर में सीपीएम के 13000 वोटर्स थे जिनमें से 10 हजार ने मुझे वोट दिया. मैं सीपीएम के वोटर्स का भी आभार जताता हूं. बंगाली हिंदुओं ने खुलकर मुझे वोट दिया. उनके अलावा गुजरातियों, जैनियों, मारवाड़ी और पूर्वांचलियों ने भी मुझे वोट दिया. सिख समुदाय ने खुलकर मुझे वोट दिया.
2021 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जहां उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से हुआ. शुभेंदु ने इस सीट से ममता को हरा दिया. इसके बाद ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. ममता बनर्जी ने 58,000 से अधिक वोटों के अंतर और लगभग 72 फीसदी वोट शेयर के साथ शानदार जीत दर्ज की, जिससे भवानीपुर उनके सबसे भरोसेमंद राजनीतिक गढ़ के रूप में फिर साबित हुआ. ममता बनर्जी पहले दक्षिण कोलकाता लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुकी हैं और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र इसी लोकसभा सीट का एक हिस्सा है.
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